Kala Paridrishya 2026


कला का महापर्व : पिंकफेस्ट

अवधेश मिश्र

आप प्रवेश करेंगे एक ऐसे लोक में, जहाँ चित्रों की तानों का नाद समूचे परिवेश को गुंजायमान कर देता है; जहाँ सुरों के रंग मिलकर इन्द्रधनुष रचते हैं; जहाँ थाप पर थिरकती भंगिमाएँ मानवीय संवेगों का सम्प्रेषण करती हैं; जहाँ अभिनय स्मृति में बस जाने वाली कथाएँ रचता है और शब्द रेखाचित्र बनकर संवेदना की दीवारों पर उभर आते हैं। यही है कलाओं का महापर्व — ‘पिंकफेस्ट 2026’

राजस्थान की जीवंत संस्कृति और समृद्ध परंपराओं के आलोक में, दुनिया भर के विविध कलारूपों की सुन्दर, सरस और सजीव प्रस्तुतियों की यह बौछार तन को ही नहीं, मन और आत्मा को भी भिगो देती है। तीन दिवसीय यह आयोजन — 6 से 8 फरवरी 2026, राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर में  कला, साहित्य और सांस्कृतिक परंपराओं की विविध प्रस्तुतियों से समृद्ध होगा। कला-प्रदर्शनियाँ होंगी, विचारोत्तेजक संवाद होंगे, रचनात्मक कार्यशालाएँ होंगी और प्रदर्शनकारी कलाओं के ऐसे सजीव रूप सामने आएँगे, जो समय की स्मृति में अंकित हो जाएँगे।

यहाँ कलाकार, लेखक, चिंतक और संस्कृति-प्रेमी एकत्र होंगे — ऐसे मनीषी, जिनका ज्ञान, कौशल और अभिव्यक्ति की सरसता भाषा की सीमाओं को लाँघकर सीधे आत्मा को स्पंदित करती है। पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक दृष्टिकोण का यह सुन्दर सम्मिलन प्रतिभाओं के बीच गहन संवाद का एक ऐसा ताना-बाना बुनता है, जिसे ओढ़कर हम केवल दर्शक बनकर नहीं लौटते बल्कि अपनी अक्षुण्ण संस्कृति, ज्ञान-परंपरा और सृजनशील मनीषा के पथिक बन जाते हैं।

पिंकफेस्ट’ कला और संस्कृति के माध्यम से हमारी परंपराओं और विशेषज्ञता को नए प्रतिमान देने का अवसर है — उन्हें विस्तार देने का और नई दुनिया के साथ संवाद स्थापित करने का अवसर। यह मंच न केवल स्थापित कलाकारों को गरिमामय उपस्थिति प्रदान करता है, बल्कि युवा रचनाकारों के लिए भी ऐसा अनुकूल वातावरण रचता है जहाँ उनकी आवाज़ सुनी जाती है और उनकी प्रतिभा को पहचान मिलती है।

विश्वभर के कलाकारों और मर्मज्ञों को एक साथ लाकर पिंकफेस्ट सांस्कृतिक संवेदनशीलता को विकसित करता है और सौन्दर्यबोध से हम सब को जोड़ता है। यह हमारे भीतर विद्यमान कल्पना के रंगों को और चटक करता है, हमारी परंपराओं की जड़ों को पुनर्जीवित करता है और हमें यह स्मरण कराता है कि कला और संस्कृति ही वे सूक्ष्म, किंतु सुदृढ़ धागे हैं, जो सम्पूर्ण मानवता को एक सूत्र में बाँधते हैं।

इसलिए आइये हम सहभागी बनें ‘पिंकफेस्ट 2026’ के। 

 

पिंक फेस्ट : रंगों, शब्दों और सुरों का उत्सव 

जयपुर की ऐतिहासिक , सांस्कृतिक  और  आध्यात्मिक धरती पर आयोजित पिंक फेस्ट भारतीय कला, साहित्य और संस्कृति का भव्य उत्सव है । यह आयोजन अभिव्यक्ति के विविध रूपों—साहित्य, नाटक, नृत्य, कविता, उपन्यास और दृश्य कलाओं - का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है।
पिंक फेस्ट की सबसे बड़ी विशेषता है कि इसमें विश्व प्रसिद्ध साहित्यकार, चित्रकार, नृत्यांगनाएँ, नाटककार और विभिन्न कला-विधाओं के प्रतिष्ठित कलाकार सहभागी होंगे। विश्वस्तरीय चित्रकारों की प्रदर्शनी, रचनात्मक प्रस्तुतियाँ और कलाकारों से युवाओं का सीधा संवाद—इस फेस्ट को एक विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं।
यह उत्सव युवाओं के लिए प्रेरणा का मंच है—जहाँ वे कला की गहराई को समझते हैं, भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा से जुड़ते हैं और अपनी रचनात्मक दृष्टि को नया विस्तार देते हैं।
कबीर के “ताना-बाना” की तरह पिंक फेस्ट भी कला, संस्कृति , अध्यात्म और जीवन-दर्शन के धागों को जोड़ता है और युवाओं में आत्म-चिंतन तथा सांस्कृतिक चेतना का बोध कराता है।
 पिंक फेस्ट का संदेश है—
अपनी संस्कृति को जानो,
अपनी जड़ों को पहचानो,
और भारतीय कला की अनंत संभावनाओं को खोजो।
जयपुर—जिसे गर्व से पिंक सिटी कहा जाता है—की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के बीच रचा गया यह उत्सव नई पीढ़ी के लिए संवाद, सृजन और प्रेरणा का सशक्त माध्यम है।
डॉ अन्नपूर्णा शुक्ला






















 

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